Lyrics
[verse]
तू गंगा की लहर है, मैं यमुना की धारा
दो नदियाँ अलग बहतीं, फिर भी है एक किनारा
संगम पे मिलेंगी एक दिन दोनों
यही तो है प्रकृति का सबसे सुंदर इशारा
[verse]
तेरी धुन में बहे मेरी हर साँस
मेरे सुर में बसे तेरा हर एक अहसास
संगीत ही है वो पुल जो जोड़े दो दिलों को
यही है साधना, यही है असली विश्वास
[chorus]
तू गंगा की मौज, मैं यमुना की धारा
दोनों मिलके बनाएँ एक संगीत सारा
अलग राह से चले, पर मंज़िल एक ही है
यही तो है भक्ति और प्रेम का नज़ारा
[chorus]
तू गंगा की मौज, मैं यमुना की धारा
सुर में मिलकर बजे जीवन का इशारा
साधना का सफ़र लंबा है, कठिन भी
पर संगम का सपना है सबसे प्यारा
[verse]
हर नोट में छुपा है वर्षों का तप
हर राग में बसी है एक गहरी लगन
संगीत की साधना कभी अधूरी नहीं होती
जब दिल से जुड़े हों दो साथी, दो मन
[bridge]
कठिन है ये राह, पर हार नहीं मानूँगे
जब तक साँस चले, संगीत को अपनाएँगे
तू और मैं मिलकर रचेंगे इक नया राग
जो सदियों तक गूँजे, यही वचन निभाएँगे
[chorus]
तू गंगा की मौज, मैं यमुना की धारा
दोनों मिलके बनाएँ एक संगीत सारा
अलग राह से चले, पर मंज़िल एक ही है
यही तो है भक्ति और प्रेम का नज़ारा
[chorus]
तू गंगा की मौज, मैं यमुना की धारा
सुर में मिलकर बजे जीवन का इशारा
साधना का सफ़र लंबा है, कठिन भी
पर संगम का सपना है सबसे प्यारा