Lyrics
[verse]
वक़्त ने किया क्या हसीन सितम
तुम रहे न तुम, हम रहे न हम
जो कभी थे साथ, हर पल हर घड़ी
आज बन गए बस एक धुँधली सी क़सम
[verse]
वो बातें, वो वादे, वो हँसी के पल
सब कहीं खो गए वक़्त की धार में
अब तो बस यादें ही रह गई हैं
दिल के किसी कोने में, किसी बंद दीवार में
[chorus]
वक़्त ने किया क्या हसीन सितम
मिलके भी हम जुदा हो गए हम
जो साथ चलने की क़समें खाई थीं
वो सब बिखर गईं इस वक़्त के तूफ़ान में
[chorus]
वक़्त ने किया क्या हसीन सितम
अब ना वो चाहत, ना वो पहला भरम
फिर भी दिल के किसी कोने में कहीं
बसी है आज भी उन दिनों की मीठी सी नमी
[verse]
कभी हम भी हँसते थे बेवजह
कभी रोते भी थे बेवजह साथ
आज सब कुछ बदल गया है इतना
कि याद भी नहीं वो पहला जज़्बात
[bridge]
शायद यही है वक़्त का सबसे बड़ा खेल
जो पास था कल, आज है दूर बहुत
पर जो बीत गया, उसे कोसना क्या
शायद यही थी हमारी तक़दीर, यही थी हमारी सोच
[chorus]
वक़्त ने किया क्या हसीन सितम
मिलके भी हम जुदा हो गए हम
जो साथ चलने की क़समें खाई थीं
वो सब बिखर गईं इस वक़्त के तूफ़ान में
[chorus]
वक़्त ने किया क्या हसीन सितम
अब ना वो चाहत, ना वो पहला भरम
फिर भी दिल के किसी कोने में कहीं
बसी है आज भी उन दिनों की मीठी सी नमी