Lyrics
[verse]
जाता कहाँ है दीवाने, रुक ज़रा
ये कैसी बेचैनी है, ये कैसी है सज़ा
मंज़िल भी दूर, राह भी अनजान
फिर भी चला जा रहा है बिना कोई थकान
[verse]
दिल में है आग, आँखों में है तूफ़ान
हर क़दम पे टूटता जाए एक नया अरमान
फिर भी रुकना नहीं है इस दीवाने को
शायद यही है इश्क़ का सबसे बड़ा इम्तिहान
[chorus]
जाता कहाँ है दीवाने, ठहर तो सही
ये बेक़रारी कब तक यूँ ही रहेगी
मंज़िल मिलेगी या नहीं, कौन जाने
पर दिल की ये आग कभी ना बुझेगी
[chorus]
जाता कहाँ है दीवाने, सुन तो ज़रा
शायद यही राह ले जाए तुझे मंज़िल तक कभी
हर मुश्किल को पार करते हुए
यही तो है सच्चे इश्क़ की असली सच्ची सही राही
[verse]
लोग कहेंगे पागल, कहेंगे बावरा
पर दिल की सुनने वाला यही तो सच्चा है
जो डर के रुक जाए राह के बीच में
वो कभी नहीं जान पाया इश्क़ का असली नक़्शा
[bridge]
शायद मंज़िल ना मिले कभी भी
पर चलते रहना ही तो असली जीत है
जो चल पड़ा है दीवानगी की राह पर
उसकी हर धड़कन में बसी एक अनकही प्रीत है
[chorus]
जाता कहाँ है दीवाने, ठहर तो सही
ये बेक़रारी कब तक यूँ ही रहेगी
मंज़िल मिलेगी या नहीं, कौन जाने
पर दिल की ये आग कभी ना बुझेगी
[chorus]
जाता कहाँ है दीवाने, सुन तो ज़रा
शायद यही राह ले जाए तुझे मंज़िल तक कभी
हर मुश्किल को पार करते हुए
यही तो है सच्चे इश्क़ की असली सच्ची सही राही