Lyrics
[verse]
अरे ओ राहगीर, क्यों रुक-रुक के चलता है
मुड़-मुड़ के देखे, फिर आगे बढ़ता है
कोई बात है क्या जो पीछे छूट गई
या दिल अभी भी वहीं अटका पड़ा है
[verse]
अरे सुन तो ज़रा, ये कैसी उलझन है
आगे भी राह है, पीछे भी चलन है
पर बार-बार पीछे देखने से क्या मिलेगा
जो बीत गया सो बीत गया, ये तो जीवन है
[chorus]
मुड़ मुड़ के ना देख, मुड़ मुड़ के ना देख
आगे की राह पे नज़र जमा
जो गुज़र गया उसे जाने दे
नए सफ़र में नया रंग सजा
[chorus]
मुड़ मुड़ के ना देख, ये तो कह रही हूँ हँस के
वक़्त किसी का इंतज़ार नहीं करता
चल पड़ो साथी, हौसले से, बिना डर के
कल का सूरज नया सवेरा भरता
[verse]
हँसी उड़ाऊँ मैं तेरी इस अदा पे
पर सच यही है, यही है नुस्खा
जो बीत गया उसे भूल जाना ही
है सबसे बड़ा और सच्चा तरीका
[bridge]
आ जा, चल पड़ें साथ इस राह पर
न पीछे कोई शिकवा, न कोई फ़िक्र
हँसते-गाते बढ़ते जाएँ आगे
यही तो जीने का असली ज़िक्र
[chorus]
मुड़ मुड़ के ना देख, मुड़ मुड़ के ना देख
आगे की राह पे नज़र जमा
जो गुज़र गया उसे जाने दे
नए सफ़र में नया रंग सजा
[chorus]
मुड़ मुड़ के ना देख, ये तो कह रही हूँ हँस के
वक़्त किसी का इंतज़ार नहीं करता
चल पड़ो साथी, हौसले से, बिना डर के
कल का सूरज नया सवेरा भरता