Lyrics
[verse]
चाहे कोई मुझे जंगली कहे
मैं तो अपनी ही धुन में मस्त रहूँगा
हवा से बातें करूँ, पंछियों से गाऊँ
अपने ही रंग में हर पल जीता रहूँगा
[verse]
शहर के क़ायदे मुझे बाँध ना पाएँ
दिल है आज़ाद, इसे कौन रोक पाए
पहाड़ों की चोटी पे नाचूँ मैं खुलकर
जंगल की हवा में मेरा गीत गूँज जाए
[chorus]
चाहे कोई मुझे जंगली कहे
मुझे परवाह नहीं इस बात की
हँसता रहूँगा, नाचता रहूँगा
यही तो असली आज़ादी है ज़िंदगी की
[chorus]
चाहे कोई मुझे जंगली कहे
मेरे दिल की ये अपनी ही रीत है
न कोई बंधन, न कोई दिखावा
बस अपने मन की सच्ची जीत है
[verse]
पेड़ों के बीच, झरनों के पास
वहीं है मेरा घर, वहीं है एहसास
शहर की भीड़ में खो जाता है दिल
पर यहाँ मिलता है सुकून और उजास
[bridge]
कहते हैं मुझे पागल, कहते हैं सनकी
पर मैं तो बस अपने दिल की सुनता हूँ
जो सच में जीना जानता है वही
इस दुनिया के मायाजाल से बचता हूँ
[chorus]
चाहे कोई मुझे जंगली कहे
मुझे परवाह नहीं इस बात की
हँसता रहूँगा, नाचता रहूँगा
यही तो असली आज़ादी है ज़िंदगी की
[chorus]
चाहे कोई मुझे जंगली कहे
मेरे दिल की ये अपनी ही रीत है
न कोई बंधन, न कोई दिखावा
बस अपने मन की सच्ची जीत है