Lyrics
[verse]
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जो है ख़ुदा की सबसे प्यारी रचना
आँखों में झलके नूर, चेहरे पे मुस्कान की सजना
हर अदा में एक कहानी, हर नज़र में एक ग़ज़ल
ऐसी हस्ती को शब्दों में बयाँ करना है मुश्किल
[verse]
चाँद भी शरमाए जब वो आए सामने
हवा भी थम जाए उसकी आहट पाके
कैसे कहूँ मैं जो दिल महसूस करे
अल्फ़ाज़ कम पड़ जाएँ इस हुस्न को सजाने में
[chorus]
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, बयाँ ना हो पाए
हर लफ़्ज़ कम लगे इस हुस्न के आगे
न कोई शायरी, न कोई गीत काफ़ी है
बस दिल ही जाने वो एहसास जो जागे
[chorus]
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, ख़ामोश ज़ुबान हो जाए
आँखें बस देखती रहें, दिल मुस्कुराए
ऐसी सूरत, ऐसी सादगी कहाँ मिलेगी
बस यही दुआ है, ये मंज़र यूँ ही सजा रहे
[verse]
दुनिया में देखे बहुत रंग-रूप
पर ऐसा नूर कहीं ना पाया मैंने
हर पल उसकी याद में गुज़र जाए
यही तो है सबसे बड़ी नेमत ज़िंदगी में
[bridge]
शायद इसीलिए शायर लफ़्ज़ ढूँढते रह जाएँ
शायद इसीलिए गीत अधूरे रह जाएँ
कुछ हुस्न ऐसे होते हैं जो बयाँ से परे हों
बस महसूस किए जाएँ, दिल में बस जाएँ
[chorus]
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, बयाँ ना हो पाए
हर लफ़्ज़ कम लगे इस हुस्न के आगे
न कोई शायरी, न कोई गीत काफ़ी है
बस दिल ही जाने वो एहसास जो जागे
[chorus]
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, ख़ामोश ज़ुबान हो जाए
आँखें बस देखती रहें, दिल मुस्कुराए
ऐसी सूरत, ऐसी सादगी कहाँ मिलेगी
बस यही दुआ है, ये मंज़र यूँ ही सजा रहे