Lyrics
[verse]
हम बेखुदी में तुमको पुकार बैठे
शायद यही थी दिल की तक़दीर बैठे
जो कहना था कभी ना कह पाए
आज इस मस्ती में इक़रार बैठे
[verse]
नशा है इन आंखों में या नशा है ये मौसम
समझ नहीं आता क्या है ये बहका बहका आलम
तेरे पास आ के जाने क्या हो जाता है
हर बात कहने का दिल करता है बरजस्ता
[chorus]
हम बेखुदी में तुमको पुकार बैठे
इस मस्त समा में दिल को हार बैठे
जो होश में ना कह पाए कभी
वो बात आज खुल के दोहरार बैठे
[verse]
फूलों से नहीं तेरी नज़रों से नशा है
हर अदा तेरी दिल पे इक जादू सा है
कह दो तुम भी अपने दिल की बात
यही तो है इस मुलाक़ात का मज़ा है
[chorus]
हम बेखुदी में तुमको पुकार बैठे
इस मस्त समा में दिल को हार बैठे
जो होश में ना कह पाए कभी
वो बात आज खुल के दोहरार बैठे
[bridge]
सुबह हो तो शर्मा ना जाना
जो कहा है रात में वो सच ही माना
ये इक़रार यूं ही रहे कायम
यही है दिल की सबसे प्यारी दास्तां