Takes
Lyrics
[verse]
चल संन्यासी मंदिर में चल
छोड़ के दुनिया का यह मेला
ढूँढ ले भीतर वह सुकून
जो बाहर कहीं ना मिला अकेला
[verse]
घंटियाँ बजें, धूप-दीप जले
मन में उतरे इक शांति नई
हर पल की भागदौड़ छोड़ के
मिल जाए आत्मा की सच्ची सही
[chorus]
चल संन्यासी, चल मंदिर में
ढूँढ ले वहाँ अपनी पहचान
हर घंटी की गूँज में छुपा है
भीतर की शांति का सामान
[verse]
सीढ़ियाँ चढ़ें, घंटा बजाएँ
मन ही मन में करें प्रार्थना
जो खोया था भीड़ में कहीं
मिल जाए वह सुकून, वह चैतन्या
[bridge]
दुनिया की दौड़ में थक गए हो
रुक जाओ पल भर इस दर पे
मिल जाएगी वह शांति भीतर
जो ढूँढी थी हर एक नगर में
[chorus]
चल संन्यासी, चल मंदिर में
ढूँढ ले वहाँ अपनी पहचान
हर घंटी की गूँज में छुपा है
भीतर की शांति का सामान
[verse]
चल संन्यासी मंदिर में चल
यह रास्ता ले जाए सुकून तक
हर घंटी, हर दीये की लौ में
मिल जाए मन की शांति यह हक़
Model notes (creation log)
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