Lyrics
[verse]
बहती हवा सा था वो, आज़ाद परिंदा
हर बंधन से दूर, हर क़ैद से आज़ाद
जो चाहा वो जिया, बिना किसी डर के
हँसता रहा हर पल, बिना किसी शिकवे के
[verse]
न फ़िक्र कल की थी, न परवाह आज की
बस आज में जीना, यही थी उसकी बानी
हर मुश्किल को हँस के टाल देता था
हर गम को पल में गायब कर देता था
[chorus]
बहती हवा सा वो, उड़ता रहा सदा
आज़ाद रूह वाला, मस्त-मौला वो था
बहती हवा सा वो, सिखा गया हमें
जीना है खुल के, हर पल को गले लगा के
[chorus]
बहती हवा सा वो, छू गया दिलों को
यादों में बस गया, सबकी बातों में
जो सिखाया उसने, वो अब भी है यहाँ
हँसना और जीना, यही उसका निशान
[verse]
कभी शहर में, कभी वीराने में
घूमा वो अकेला अपने ही ज़माने में
जो मिला उसे राह में, वो अपना बना
हर अजनबी को दोस्त कहता था वो सदा
[bridge]
शायद वो चला गया, पर छोड़ गया सीख
जीने का मतलब है, बस हर पल को जी
न रुकना, न झुकना, बस बढ़ते रहना
यही थी उसकी बानी, यही उसका कहना
[chorus]
बहती हवा सा वो, उड़ता रहा सदा
आज़ाद रूह वाला, मस्त-मौला वो था
बहती हवा सा वो, सिखा गया हमें
जीना है खुल के, हर पल को गले लगा के
[chorus]
बहती हवा सा वो, छू गया दिलों को
यादों में बस गया, सबकी बातों में
जो सिखाया उसने, वो अब भी है यहाँ
हँसना और जीना, यही उसका निशान