Lyrics
[verse]
दिल में उलझन, सोच में उलझाव
कुछ समझ ना आए ये कैसा भाव
हर बात में तेरा ही ख़याल
ये कैसी उलझी हुई है ये चाल
[verse]
कभी हँसी तो कभी घबराहट
कभी सुकून तो कभी बेचैनी
इस दिल का कोई हिसाब नहीं
जब से मिली तेरी वो निगाहें कहीं
[chorus]
ये लोचा है उल्फ़त का
कोई सुलझे ना ये सिलसिला
दिल उलझे और मुस्कुराए
समझ ना आए, फिर भी भाए
[chorus]
ये लोचा है उल्फ़त का
हर पल एक नया क़िस्सा
जितना सुलझाऊँ उतना उलझे
यही तो है इश्क़ का मज़ा
[verse]
बातों-बातों में दिल हार गया
सोच-समझ को पीछे छोड़ गया
अब तो बस यही ख़्वाहिश है
हर पल तेरे पास गुज़रे यही तमन्ना है
[bridge]
कोई तर्क ना काम आए
जब दिल अपनी राह चले
उलझन में भी है इक मिठास
यही तो है मोहब्बत का एहसास
[chorus]
ये लोचा है उल्फ़त का
कोई सुलझे ना ये सिलसिला
दिल उलझे और मुस्कुराए
समझ ना आए, फिर भी भाए
[chorus]
ये लोचा है उल्फ़त का
हर पल एक नया क़िस्सा
जितना सुलझाऊँ उतना उलझे
यही तो है इश्क़ का मज़ा