Lyrics
[verse]
मन नहीं था आज नाचने का
पर धुन ने खींचा फिर से मुझे
पैर खुद ही थिरकने लगे
जब ढोल की थाप कानों में बजे
[verse]
कहा था मैंने आज ना जाऊँगा
घर पे ही सुकून से बैठूँगा
पर दोस्तों की ज़िद के आगे
हार गया मैं इस बार भी आख़िर
[chorus]
नाचने का मन नहीं था कहते-कहते
फिर भी नाच उठा मैं धुन में बहते
जो बजे संगीत वो खींच ले जाए
कोई बहाना काम ना आए
[chorus]
नाचने का मन नहीं था बोलते-बोलते
फिर भी थिरक उठे कदम चलते-चलते
यही तो है इस धुन का जादू
हर कोई हो जाए इसका दीवाना
[verse]
जितना रोका उतना बहा मैं
इस मस्ती में खुद को भुला मैं
जब बजे ऐसी बीट कोई
रुकना मुमकिन ही नहीं होई
[bridge]
ढोल बजे और तुम्बी गूँजे
हर दिल में उमंग हो दूनी
कोई बहाना अब ना चलेगा
जो बजे संगीत सब नाचेगा
[chorus]
नाचने का मन नहीं था कहते-कहते
फिर भी नाच उठा मैं धुन में बहते
जो बजे संगीत वो खींच ले जाए
कोई बहाना काम ना आए
[chorus]
नाचने का मन नहीं था बोलते-बोलते
फिर भी थिरक उठे कदम चलते-चलते
यही तो है इस धुन का जादू
हर कोई हो जाए इसका दीवाना