Lyrics
[verse]
कमर लचके जब वो नाचे
भांगड़े की धुन पे पैर थिरकाए
हर चाल में उसकी बिजली सी शान
पंजाब की माटी की यही पहचान
[verse]
ढोल बजे और तुम्बी गूँजे
हर कदम में उसके जोश हो दूना
गिद्दा और भांगड़ा साथ मिले
यही तो है उत्सव का असली मेला
[chorus]
कमर की ये चाल है निराली
हर धड़कन में बजे ये ताली
ढोल की थाप पे यूँ थिरके
हर दिल दीवाना हो जाए ऐसे
[chorus]
कमर की ये चाल मस्तानी
भांगड़े की है ये असली कहानी
हाथ उठे और झूमे बदन
यही तो है पंजाब का जीवन
[verse]
रंग-बिरंगे कपड़े पहने
सजी-धजी वो मेले में निकले
हर आँख बस उसी को तके
यही तो है असली उत्सव का मेला
[bridge]
ढोल-तुम्बी की धुन बजे
हर कदम में जोश जगे
कोई मुक़ाबला ना उसकी चाल का
यही है भांगड़े का असली धमाल
[chorus]
कमर की ये चाल है निराली
हर धड़कन में बजे ये ताली
ढोल की थाप पे यूँ थिरके
हर दिल दीवाना हो जाए ऐसे
[chorus]
कमर की ये चाल मस्तानी
भांगड़े की है ये असली कहानी
हाथ उठे और झूमे बदन
यही तो है पंजाब का जीवन