Takes
Lyrics
[verse]
मैंने चाहा कि तुझ पे ग़ज़ल लिख दूँ
पर क़लम मेरी काँपी, रुक सी गई
जो भी सोचा वो सादा सा लगने लगा
तेरी बात कोई शायरी से बड़ी
[chorus]
अर्ज़ करने चला था मैं दिल की बात
पर लफ़्ज़ों की मुझको कमी हो गई
तुझे देख के जो मैं महसूस करूँ
वो कहानी किसी बहर में न ढली
[verse]
न मैं मीर हूँ, न ग़ालिब का हुनर
बस इक आम सा लड़का हूँ तेरे शहर
तेरी हँसी ने मुझको शायर किया
अधूरी सी नज़्में मेरा हमसफ़र
[chorus]
अर्ज़ करने चला था मैं दिल की बात
पर लफ़्ज़ों की मुझको कमी हो गई
तुझे देख के जो मैं महसूस करूँ
वो कहानी किसी बहर में न ढली
[bridge]
सा रे गा मा के सुर में तुझे गाऊँ
जो कह न सकूँ वो धुन में सजाऊँ
[chorus]
अर्ज़ करने चला था मैं दिल की बात
पर लफ़्ज़ों की मुझको कमी हो गई
तुझे देख के जो मैं महसूस करूँ
वो कहानी किसी बहर में न ढली
Model notes (creation log)
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