Lyrics
[verse]
कपड़े हों नए, राहें हों अनजानी
फिर भी मन में बजे बस अपनी ही रवानी
चलता हूँ मस्त चाल, गाता हूँ अपनी धुन
सारी दुनिया घूमूँ, फिर भी दिल है वतन का बंदा
[verse]
सड़कों पे चलता हूँ बिना किसी डर के
हर मुश्किल को हँस के देता हूँ जवाब
न ख़ज़ाना है मेरे पास, न कोई महल है
पर हौसला है इतना कि झुके ना कभी नकाब
[chorus]
कहीं भी जाऊँ, चाहे कोई भी राह हो
दिल में बसी है बस अपनी माटी की छाँव
चाहे परदेस की चमक-दमक बुलाए
लौट के आना है मुझे अपने ही गाँव
[chorus]
सर पे रहे आसमान, पैरों तले ज़मीन
बस यही काफ़ी है इस मुसाफ़िर के लिए
चलता रहूँगा मैं गाता हुआ हर मोड़ पर
अपनी ही धुन में, अपने ही रंग में जिए
[verse]
देखे हैं शहर बड़े, देखी हैं रोशनियाँ
पर अपने गली का दीया सबसे प्यारा लगे
हर जगह अजनबी, हर जगह नई कहानी
पर अपनी मिट्टी की खुशबू दिल को छू जाए
[bridge]
न कोई शिकायत है, न कोई मलाल है
हर हाल में खुश रहना ही तो कमाल है
चलते रहो, हँसते रहो, गाते रहो सदा
यही तो ज़िंदगी का असली सवाल है
[chorus]
कहीं भी जाऊँ, चाहे कोई भी राह हो
दिल में बसी है बस अपनी माटी की छाँव
चाहे परदेस की चमक-दमक बुलाए
लौट के आना है मुझे अपने ही गाँव
[chorus]
सर पे रहे आसमान, पैरों तले ज़मीन
बस यही काफ़ी है इस मुसाफ़िर के लिए
चलता रहूँगा मैं गाता हुआ हर मोड़ पर
अपनी ही धुन में, अपने ही रंग में जिए