Lyrics
[verse]
चौदहवीं का चाँद हो, या हो कोई नूर का साया
जो भी है, तूने ही तो ये जहान सजाया
तेरी एक झलक से रोशन हो जाए हर राह
तूने ही तो मेरी हर शाम को सवेरा बनाया
[verse]
जब से देखा है तुझे, दिल है बेक़रार
हर पल तेरा ही ख़याल, हर साँस में इंतज़ार
कैसे बयाँ करूँ ये जो महसूस कर रहा हूँ
शब्द भी कम पड़ते हैं इस मोहब्बत के इज़हार में
[chorus]
चौदहवीं का चाँद हो तुम, या फिर कोई और नाम दूँ
बस इतना जानता हूँ, तेरे बिना अधूरा हूँ
हर रात तेरे ख़याल में गुज़र जाए
यही है सच्चाई, यही है मेरा मुक़ाम अब
[chorus]
चौदहवीं का चाँद हो तुम, रोशन करो मेरी हर शाम
साथ रहो हमेशा, यही है मेरा अरमान
न कोई और तमन्ना, न कोई और चाहत
बस तुम ही तुम हो मेरी हर दुआ का नाम
[verse]
सितारे भी झिलमिलाएँ जब तुम मुस्कुराओ
हवा भी थम जाए जब तुम पास आओ
ऐसा हुस्न, ऐसी सादगी दुनिया में कहाँ
बस यही दुआ है, तुम यूँ ही मुस्कुराते जाओ
[bridge]
शायद इसीलिए शायर चाँद से करते हैं तुलना
शायद इसीलिए गीत लिखे जाते हैं तुम्हारे नाम पे
कुछ हुस्न ऐसे होते हैं जो बयाँ से परे हों
बस महसूस किए जाएँ, दिल के हर मुक़ाम पे
[chorus]
चौदहवीं का चाँद हो तुम, या फिर कोई और नाम दूँ
बस इतना जानता हूँ, तेरे बिना अधूरा हूँ
हर रात तेरे ख़याल में गुज़र जाए
यही है सच्चाई, यही है मेरा मुक़ाम अब
[chorus]
चौदहवीं का चाँद हो तुम, रोशन करो मेरी हर शाम
साथ रहो हमेशा, यही है मेरा अरमान
न कोई और तमन्ना, न कोई और चाहत
बस तुम ही तुम हो मेरी हर दुआ का नाम