Lyrics
[verse]
सुहानी रात ढल चुकी, न जाने तुम कब आओगे
सितारे भी थक गए, अब तो चाँद भी सोने जाए
मैं बैठा हूँ खिड़की पे, राह तकता हूँ तेरी
शायद तुम आओ, या ये रात यूँ ही बीत जाए
[verse]
हवा भी सरगोशी करे, कोई बात है तुम्हारी
चाँदनी भी पूछे मुझसे, क्यों है यूँ उदासी तारी
दिल कहे इंतज़ार का हर पल अनमोल है
पर आँखें तो ढूँढें बस एक झलक तुम्हारी
[chorus]
सुहानी रात ढल चुकी, फिर भी उम्मीद बाक़ी है
शायद सुबह की किरण संग तुम आ जाओ
ये इंतज़ार भी एक मीठा दर्द है
जो दिल को तुम्हारे और क़रीब ले जाए
[chorus]
सुहानी रात ढल चुकी, तारे बुझने को हैं
पर दिल का दीया अब भी जलता रहेगा
जब तक ना आओ तुम मेरे पास वापस
ये इंतज़ार यूँ ही चलता रहेगा
[verse]
याद आती हैं वो बातें, वो हँसी, वो पल
जब साथ थे हम, ना था कोई फ़ासला
अब बस यादों के सहारे गुज़रती है रात
और दिल कहे, बस एक बार तुम आ जाओ ज़रा
[bridge]
जानता हूँ रातें लंबी हो जाती हैं
जब कोई अपना पास नहीं होता
पर उम्मीद का दीया कभी नहीं बुझता
जब तक दिल में प्यार सच्चा होता
[chorus]
सुहानी रात ढल चुकी, फिर भी उम्मीद बाक़ी है
शायद सुबह की किरण संग तुम आ जाओ
ये इंतज़ार भी एक मीठा दर्द है
जो दिल को तुम्हारे और क़रीब ले जाए
[chorus]
सुहानी रात ढल चुकी, तारे बुझने को हैं
पर दिल का दीया अब भी जलता रहेगा
जब तक ना आओ तुम मेरे पास वापस
ये इंतज़ार यूँ ही चलता रहेगा