Lyrics
[verse]
अगर कहीं चिंगारी भड़के
तो सावन उसको बुझा देता है
पर दिल में जो आग जलती है
उसे कौन बुझा पाता है
[verse]
हर ज़ख़्म का कोई मरहम होता
हर दर्द का कोई इलाज मिलता
पर जो टूटा है यह दिल भीतर से
उसे जोड़ने का कोई राज़ ना मिलता
[chorus]
जो बीत गया, सो बीत गया
यही तो है दुनिया की रीत
जो चला गया, वह लौटे ना
बस याद रह जाए यह प्रीत
[verse]
हर सुबह नई उम्मीद लाए
हर शाम कुछ सिखा के जाए
जो खोया है, उसे भूल जाना
यही तो ज़िंदगी सिखाए
[bridge]
आँसू बहें तो बह जाने दो
यह दर्द भी एक सबक़ है
जो सहा है उसने ही जाना
ज़िंदगी का असली रुख़ है
[chorus]
जो बीत गया, सो बीत गया
यही तो है दुनिया की रीत
जो चला गया, वह लौटे ना
बस याद रह जाए यह प्रीत
[verse]
अगर कहीं चिंगारी भड़के
तो वक़्त ही उसे बुझा देता है
दिल की आग को समय के सिवा
कोई और नहीं बुझा पाता है