Lyrics
[verse]
आवारा हूं या भटकता एक मुसाफ़िर हूं
ना घर है ना ठिकाना बस चलता राही हूं
हर गली हर शहर में तलाशता कोई अपना
पर खुद में ही खोया एक अनजाना साया हूं
[verse]
आसमान के नीचे ये ज़मीन ही बिस्तर है
सितारों की रोशनी में सोता सफ़र है
कोई पूछे तो कह दूं मैं हूं दुनिया का किस्सा
जिसका ना कोई मंज़िल ना कोई घर है
[chorus]
आवारा हूं ये मानता हूं मैं
गर्दिश में हूं ये जानता हूं मैं
फिर भी दिल में एक उम्मीद है
कहीं मंज़िल मिलेगी पहचानता हूं मैं
[verse]
हंसता हूं गाता हूं मैं राहों में यूं ही
दर्द को छुपाकर रखता हूं दिल की गहराई में
कोई तो होगा जो समझे मेरी ये तन्हाई
शायद वो मिल जाए किसी नई सुबह में
[chorus]
आवारा हूं ये मानता हूं मैं
गर्दिश में हूं ये जानता हूं मैं
फिर भी दिल में एक उम्मीद है
कहीं मंज़िल मिलेगी पहचानता हूं मैं
[bridge]
राहों का ये सफ़र कभी ना थमेगा
जब तक सांस चले चलता रहूंगा
ये आवारगी भी है एक कहानी
जिसे अपने अंदाज़ में जीता रहूंगा