Lyrics
[verse]
यहां मैं अजनबी हूं हर चेहरा है बेगाना
ना कोई अपना यहां ना कोई जाना पहचाना
भीड़ में भी तन्हा हूं मैं
ढूंढता फिरता हूं कोई ठिकाना
[verse]
शहर की गलियां रोशन हैं पर दिल है अंधेरा
हर तरफ़ शोर है पर सन्नाटा है मेरे भीतर
कोई पूछे हाल तो क्या कहूं उसको
यहां हर कोई अपने में है डूबा हुआ गहरा
[chorus]
यहां मैं अजनबी हूं जैसे कोई साया
इस भीड़ भरे शहर में खुद को ना पहचान पाया
काश कोई मिल जाए जो समझे मुझको
इस तन्हाई से थोड़ा सुकून मिल जाए
[verse]
रोज़ नई सुबह आती नई शाम ढलती
पर मेरी कहानी वहीं की वहीं रहती
अजनबियों के इस शहर में
अपनी पहचान ढूंढता रहता हूं मैं हरदम
[chorus]
यहां मैं अजनबी हूं जैसे कोई साया
इस भीड़ भरे शहर में खुद को ना पहचान पाया
काश कोई मिल जाए जो समझे मुझको
इस तन्हाई से थोड़ा सुकून मिल जाए
[bridge]
शायद किसी दिन ये शहर भी अपना लगे
या मैं ही सीख लूं इसमें जीना
तब तक चलता रहूंगा यूं ही अकेला
यही है मेरा नसीब यही मेरा जीना