Lyrics
[verse]
कैसा उलझा हुआ है ये मामला
समझ ना आए किसकी है ये खता
कभी हाँ लगे, कभी ना लगे बात
उलझी हुई है ये पूरी रात
[verse]
दिल कहे कुछ, दिमाग़ कहे कुछ और
कौन सही है, कौन है चोर
सीधा-सादा कुछ भी नहीं यहाँ
हर रिश्ता है इक अजब पहेली-सा
[chorus]
मुश्किल है ये, मुश्किल है ये
सुलझाना इस उलझन को अब मुश्किल है ये
मुश्किल है ये, मुश्किल है ये
समझना दिल की भाषा भी मुश्किल है ये
[chorus]
मुश्किल है ये, थोड़ा अजीब भी है
हँसी के पीछे थोड़ा दर्द भी है
मुश्किल है ये, फिर भी जिएँगे
इस उलझन को भी हम गले लगाएँगे
[verse]
कोई सीधा जवाब नहीं मिलता
हर सवाल पे इक नया सवाल उठता
फिर भी चलते रहेंगे इसी राह पे
कठिन ही सही, पर अपने ही अंदाज़ में
[bridge]
न कोई हल आसान, ना कोई सीधी बात
पर हार ना मानेंगे, यही है जज़्बात
जो उलझा है सुलझेगा एक दिन ज़रूर
तब तक चलते रहें इसी सफ़र में हुज़ूर
[chorus]
मुश्किल है ये, मुश्किल है ये
सुलझाना इस उलझन को अब मुश्किल है ये
मुश्किल है ये, मुश्किल है ये
समझना दिल की भाषा भी मुश्किल है ये
[chorus]
मुश्किल है ये, थोड़ा अजीब भी है
हँसी के पीछे थोड़ा दर्द भी है
मुश्किल है ये, फिर भी जिएँगे
इस उलझन को भी हम गले लगाएँगे