Lyrics
[verse]
गेंदे का फूल खिला है आँगन
महक उठा है सारा चमन
पीली चुनरिया पहन के निकली
गाँव की गोरी बनी है दुल्हन
[verse]
मेहंदी रचे हैं हाथों पर
पायल बजे कदमों पर
सहेलियाँ गाएँ लोकगीत
हर आँगन में बसी है प्रीत
[chorus]
गेंदे का फूल, महकी बहार
गाँव में सजा है त्योहार
ढोलक बजे और झूमें सब
यही है असली उत्सव अब
[chorus]
गेंदे का फूल, पीली चुनरिया
नाचें साथ मिलकर सब सखियाँ
लोक की धुन में डूबे मन
यही है मेले का बंधन
[verse]
सरसों के खेत, नीला अंबर
हर तरफ बसे उत्सव का सफ़र
ढोल-ताशे और तंबूरा गूँजे
गाँव की माटी में यही धुन गूँजे
[bridge]
हर आँगन में रौनक छाई है
सजी-धजी हर एक सहेली आई है
कोई ग़म ना पास फटके
बस उत्सव के रंग छलकें
[chorus]
गेंदे का फूल, महकी बहार
गाँव में सजा है त्योहार
ढोलक बजे और झूमें सब
यही है असली उत्सव अब
[chorus]
गेंदे का फूल, पीली चुनरिया
नाचें साथ मिलकर सब सखियाँ
लोक की धुन में डूबे मन
यही है मेले का बंधन