Lyrics
[verse]
एक जोगन चली गाँव-गाँव
हर दर पे रखे अपने पाँव
न घर की चाहत, न कोई ठिकाना
बस चलते रहना है उसका फ़साना
[verse]
हर गली में गाए अपना गीत
हर दिल में बाँटे अपनी प्रीत
न अमीरी की चाह, न ग़रीबी का ग़म
बस मस्ती में जीना है उसका धरम
[chorus]
जुगनी जी, फिरे हर ओर
जुगनी जी, बाँधे ना डोर
जहाँ चले वहाँ बहार लाए
हर दिल में उमंग जगाए
[chorus]
जुगनी जी, आज़ाद परिंदा
जुगनी जी, हर दिल का बंदा
गाती चले अपनी ही धुन
न रुकना जाने, न थमना जाने
[verse]
सूरज ढले तो चाँद तले सोए
सुबह हो तो फिर आगे को दौड़े
कोई सरहद ना रोके उसे
हर मौसम में खुश रहे वो जिए
[bridge]
ढोलक बजे और तंबूरा गूँजे
हर गाँव में उसकी कहानी गूँजे
न कोई शिकवा, न कोई मलाल
बस मस्ती में कटे हर साल
[chorus]
जुगनी जी, फिरे हर ओर
जुगनी जी, बाँधे ना डोर
जहाँ चले वहाँ बहार लाए
हर दिल में उमंग जगाए
[chorus]
जुगनी जी, आज़ाद परिंदा
जुगनी जी, हर दिल का बंदा
गाती चले अपनी ही धुन
न रुकना जाने, न थमना जाने